उदयपुर। लेकसिटी में पहली बार कैपिटल मार्केट यानी पूंजी बाजार विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन ‘चाणक्य – निवेश की नीति’ का शनिवार को रामी रॉयल रिजॉर्ट में भव्य शुभारंभ हुआ। भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान की वित्तीय बाजार एवं निवेशक जागरूकता समिति के तत्वावधान में आईसीएआई उदयपुर शाखा की ओर से आयोजित सम्मेलन की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुई। सम्मेलन में देशभर से आए चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, वित्तीय विशेषज्ञों और पूंजी बाजार से जुड़े प्रतिभागियों ने भाग लिया। सम्मेलन की थीम ‘चाणक्य – निवेश की नीति : प्राचीन बुद्धिमत्ता, आधुनिक बाजार’ रखी गई है। इसका उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा की दूरदर्शिता को आधुनिक निवेश रणनीतियों से जोड़ना तथा पूंजी बाजार, निवेश के नए अवसरों, जोखिम प्रबंधन और दीर्घकालीन संपत्ति निर्माण के विभिन्न पहलुओं पर व्यावसायिक समझ विकसित करना है।
उद्घाटन सत्र में अतिथियों ने रखे विचार
उदयपुर आईसीएआई अध्यक्ष सीए चिराग धर्मावत ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य प्रो. गौरव वल्लभ रहे। विशिष्ट अतिथियों में उदयपुर के महापौर पारस सिंघवी एवं वंडर सीमेंट लिमिटेड के जीएम महेश मानसिंघा शामिल रहे। सम्मेलन के कांफ्रेंस डायरेक्टर सीसीएम सीए रोहित रुवाटिया हैं। प्रो. गौरव वल्लभ ने ‘विजन 2047’ के संदर्भ में भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास और पूंजी बाजार की भूमिका पर विचार रखे। उन्होंने सम्मेलन की थीम के अनुरूप चाणक्य की नीतियों को आधुनिक आर्थिक दृष्टिकोण से जोड़ने की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। महापौर पारस सिंघवी ने उदयपुर में राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन के आयोजन को शहर के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने ऐसे आयोजनों को ज्ञान के आदान-प्रदान और उदयपुर की राष्ट्रीय पहचान को मजबूत करने की दिशा में उपयोगी बताया। वंडर सीमेंट लिमिटेड के जीएम महेश मानसिंघा ने उद्योग, वित्तीय प्रबंधन और निवेश संबंधी समझ के महत्व पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने आर्थिक विकास में वित्तीय अनुशासन और व्यावसायिक विशेषज्ञता की भूमिका को रेखांकित किया। कांफ्रेंस डायरेक्टर सीसीएम सीए रोहित रुवाटिया ने इंस्टीट्यूट की विभिन्न गतिविधियों, पेशेवर विकास तथा वित्तीय बाजार एवं निवेशक जागरूकता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के ज्ञानवर्धन के लिए राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलनों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।

पहले दिन चार तकनीकी सत्रों में निवेश के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा
कांफ्रेंस कन्वीनर सीए देवेन्द्र सोमानी ने बताया कि आईसीएआई उदयपुर शाखा की ओर से उदयपुर के महापौर पद पर आसीन होने पर पारस सिंघवी का अभिनंदन किया गया। साथ ही पार्षद बनने पर  चार्टर्ड अकाउंटेंट सदस्य सीए आशीष कोठारी एवं सीए मीनल कंठालिया का भी सम्मान कर उनकी उपलब्धियों की सराहना की गई। पहले तकनीकी सत्र में प्रो. गौरव वल्लभ ने ‘विजन 2047 – क्या चाणक्य नीति कैपिटल मार्केट पर लागू होती है?’ विषय पर विचार रखे। इसके बाद नॉलेज रियल्टी ट्रस्ट के सीईओ एवं इंडियन आरईआईटीएस एसोसिएशन की कार्यकारिणी समिति के सदस्य नीरज तोषनीवाल ने ‘आरईआईटी की प्रमुख विशेषताएं एवं लाभ’ विषय पर जानकारी दी। अगले सत्र में कार्लेनियन एसेट मैनेजमेंट एंड एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड, मुंबई के सह-संस्थापक सीए मनोज बाहेती ने ‘भारतीय इक्विटी बाजार : दीर्घकालीन निवेशकों के लिए अवसर, जोखिम और भविष्य की राह’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने भारतीय शेयर बाजार में निवेश की संभावनाओं, जोखिमों और दीर्घकालीन निवेश दृष्टिकोण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की। दोपहर बाद रोडस्टार इंफ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट के सीएफओ एवं भारत इनविट्स एसोसिएशन की कार्यकारिणी समिति के सदस्य सीए मिलिंद गांधी ने ‘इनविट्स को समझना : प्रमुख विशेषताएं और निवेश की संभावनाएं’ विषय पर जानकारी साझा की। इसी सत्र में वर्टिस इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के कंपनी सेक्रेटरी एवं कंप्लायंस ऑफिसर प्रतीक देसाई भी शामिल हुए। दिन के अंतिम तकनीकी सत्र में मुंबई के रिसर्च एनालिस्ट एवं सर्टिफाइड फाइनेंशियल टेक्नीशियन प्रकाश गाबा ने ‘बाजार को पढ़ने की कला : तकनीकी विश्लेषण का उपयोग’ विषय पर व्याख्यान दिया। इन सत्रों में शेयर बाजार, निवेश के वैकल्पिक माध्यमों और तकनीकी विश्लेषण के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।

वित्तीय बाजार की नवीनतम जानकारियां उपलब्ध कराने की पहल
आईसीएआई उदयपुर शाखा के उपाध्यक्ष सीए सौरभ गोलछा ने बताया कि इस राष्ट्रीय सम्मेलन के माध्यम से चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को वित्तीय बाजार की बदलती परिस्थितियों, निवेश के नए माध्यमों और आधुनिक निवेश रणनीतियों से संबंधित जानकारियां प्राप्त हो रही हैं। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और तकनीकी चर्चाओं के माध्यम से प्रतिभागियों को पूंजी बाजार के व्यावहारिक पहलुओं को समझने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने बताया कि ‘चाणक्य – निवेश की नीति’ की अवधारणा भारतीय ज्ञान परंपरा से प्रेरणा लेते हुए आधुनिक वित्तीय बाजार में दूरदर्शिता, विवेक और अनुशासन के महत्व को रेखांकित करती है।

दूसरे दिन भी होंगे चार तकनीकी सत्र
सम्मेलन के दूसरे दिन रविवार, 25 अक्टूबर को भी चार तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें पूंजी बाजार और निवेश से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। सम्मेलन का उद्देश्य चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के व्यावसायिक ज्ञान को समृद्ध करने के साथ वित्तीय बाजार से संबंधित नवीनतम जानकारियों और निवेश रणनीतियों से परिचित कराना है। आयोजन की तैयारियों एवं संचालन में आईसीएआई उदयपुर शाखा के उपाध्यक्ष सीए सौरभ गोलछा, सचिव सीए अरुणा गेल्डा, कोषाध्यक्ष सीए कपिल जोशी, पूर्व अध्यक्ष सीए राहुल माहेश्वरी और सीकासा अध्यक्ष सीए धर्मेंद्र कोठारी सहित अन्य सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में आईसीएआई उदयपुर शाखा की सचिव सीए अरुणा गेल्डा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।