उदयपुर। मेवाड़ की पारंपरिक गवरी का अपमान करने, धार्मिक भावनाएं भड़काने और आदिवासी समाज के खिलाफ जातिसूचक टिप्पणी करने के मामले में गोगुंदा पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने घटना का वीडियो बनाकर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी साझा किया था।
पुलिस के अनुसार आरोपी हरियाणा के जींद जिले के थाना मुहाना (सफिदों) क्षेत्र का रहने वाला पिंकू (25) पुत्र राजकुमार है। पुलिस ने साइबर सेल की मदद से उसे डिटेन कर पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया। पुलिस टीम ने साइबर सेल की मदद से इंस्टाग्राम आईडी और मुखबिर तंत्र के सहारे आरोपी की लोकेशन ट्रैक की। उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा (जेल) में भेज दिया गया।
यह है मामला
गोगुंदा के भाट निवासी चेनाराम गमेती (23) ने 28 सितंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वे गवरी खेल के कलाकार हैं। 23 सितंबर को वे चाटियाखेड़ी से गवरी खेलकर गोगुंदा बाईपास लौट रहे थे, तब काले रंग की थार गाड़ी में सवार आरोपी ने उन्हें रोक लिया। आरोपी ने गवरी के पारंपरिक महिला श्रृंगार और रीति-रिवाजों का मजाक उड़ाया। पीड़ित ने बताया कि वे आदिवासी समाज से हैं और यह उनकी आस्था और परंपरा है, तो आरोपी ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गवरी माता और पूरे समाज का अपमान किया। बाद में उसने वीडियो इंस्टाग्राम आईडी पर अपलोड कर दिया, जिससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची।
इनकी रही भूमिका
कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में हुई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) मुकुल शर्मा और वृत्ताधिकारी वृत्त गिर्वा छगन पुरोहित के सुपरविजन में थानाधिकारी प्रवीण सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम में सहायक उपनिरीक्षक महेंद्र सिंह, सहायक उपनिरीक्षक कालू लाल, कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह और साइबर सेल के सब इंस्पेक्टर गजराज सिंह शामिल रहे।
सांसद रावत के दबाव के बाद कार्रवाई
सांसद डॉ. मन्नालाल रावत और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा पुलिस-प्रशासन पर दबाव बनाने के बाद आखिरकार मेवाड़ के पारंपरिक गवरी नृत्य को पाखंड बताने वाले युवक को डिटेन कर लिया गया। गोगुंदा पुलिस ने पूछताछ के बाद उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उदयपुर भ्रमण पर आए इस युवक ने बिना जानकारी और तथ्यों के गवरी को लेकर विवादास्पद रील बनाकर वायरल कर दी थी, जिससे लोगों में जोरदार आक्रोश था। इस संबंध में गोगुंदा थाने में मुकदमा भी दर्ज करवाया गया। कार्रवाई की मांग को लेकर कई संगठनों ने प्रशासन और पुलिस को ज्ञापन भी दिए। मामले को गंभीरता से लेते हुए सांसद डॉ. रावत ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से चर्चा कर कार्रवाई के लिए कहा। उन्होंने बताया कि दबाव के बाद आखिरकार युवक को डिटेन कर लिया गया और अधिकारियों ने उससे पूछताछ भी की। भाजपा देहात अध्यक्ष पुष्कर तेली ने भी गवरी को पाखंड बताने की निंदा की। सांसद डॉ. रावत ने कहा कि गवरी आदिवासी समाज का पारंपरिक नृत्य है, जिसमें शामिल कलाकार पूरे महीने कई त्याग करते हैं। इसके बारे में जानकारी नहीं रखने वाले युवक ने केवल फेमस होने के लिए गवरी पर विवादास्पद रील बना दी।
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