उदयपुर। प्रतापनगर थाना क्षेत्र के कानपुर स्थित धागा निर्माता कंपनी रिलायंस केमोटेक्स इंडस्ट्रीज में कंपनी के ही दो वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से बड़े कॉरपोरेट षड्यंत्र को अंजाम देते हुए 100 करोड़ का नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। निर्यात होने वाले धागों को पैकिंग से पहले कटर से कटवाया जा रहा था, जिससे विदेश तक कंपनी का माल खराब क्वालिटी का बताकर रिजेक्ट हो गया।
पुलिस ने कंपनी के विधि प्रबंधक अनुपम तिवारी की रिपोर्ट पर दोनों अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश व आपराधिक धमकी का केस दर्ज किया है। रिपोर्ट में बताया कि कंपनी का धागा अमेरिका, बेल्जियम, इटली सहित देश के विभिन्न हिस्सों में निर्यात होता है। गत 6 माह से विदेशी व घरेलू खरीदारों से शिकायतें आने लगीं कि धागे कटे हुए हैं। इसके चलते विदेशी कंपनियों ने करोड़ों का भुगतान रोक दिया। कई बड़े ऑर्डर निरस्त कर दिए और कंपनी पर नुकसान के भारी क्लेम ठोकने की चेतावनी दी।
जांच में खर्च किए 25 लाख, सीसीटीवी से पर्दाफाश
शिकायतें के बाद क्वालिटी कंट्रोल हेड जीएम विकास खंडेलवाल और मेंटेनेंस हेड महेंद्र पांचाल ने मशीनों की गहन जांच की, लेकिन तकनीकी खराबी नहीं मिली। तकनीकी विशेषज्ञों को बुलाकर 25 लाख रुपए खर्च किए, फिर भी मशीनों में दोष नहीं निकला। इसके बाद पैकिंग के माल की बारीक जांच की तो पता चला कि धागे मशीनों से नहीं, बल्कि कटर से जानबूझकर काटे गए। सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो खुलासा हुआ। पैकिंग से पहले कुछ कर्मचारी चाकू से धागा काटते देखे गए।
कर्मचारियों को धमकाकर गलत काम कराने का आरोप
मादड़ी निवासी पारस शर्मा, कानपुर उत्तरप्रदेश निवासी सत्येंद्र सिंह चौहान सहित 3-4 कर्मचारी कैमरे में धागा काटते देखे गए। कर्मचारियों ने बयान दिया कि वे जनरल मैनेजर (फिनिशिंग) अलीगढ़ उत्तरप्रदेश निवासी सुभाष चौधरी और सीनियर मैनेजर (फिनिशिंग) कल्याणपुर उत्तरप्रदेश निवासी विवेक पांडे के दबाव में यह काम कर रहे थे। बताया कि अधिकारियों ने नौकरी से निकालने की धमकी देकर गलत काम करवाया।कंपनी का आरोप है कि आरोपी प्रतिस्पर्धी कंपनियों के संपर्क में थे। उनसे लाभ कमाने और रिलायंस की साख खराब करने के लिए साजिश रची।