उदयपुर। झीलों की नगरी में बैठकर ऑनलाइन सट्टे, जुए और साइबर फ्रॉड की काली कमाई को ठिकाने लगाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का सुखेर थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कविता स्थित एक विला में अचानक दबिश देकर गुजरात के चार शातिर साइबर बदमाशों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी कमीशन के खेल में गरीबों के नाम पर खुले 'म्यूल अकाउंट्स' के जरिए करोड़ों रुपये की अवैध लेन-देन संभाल रहे थे। जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन, एएसपी उमेश ओझा व वृत्ताधिकारी राजेश यादव के सुपरविजन में सुखेर थानाधिकारी भरत योगी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने यह त्वरित कार्रवाई की।
कमीशन का खेल: गरीबों के खातों से अवैध ट्रांजेक्शन
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य बेहद शातिर तरीके से ठगी और सट्टे के नेटवर्क को अंजाम दे रहे थे। ये लोग भोले-भाले व आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीणों को पैसों का लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते (म्यूल अकाउंट) खुलवा लेते थे। इसके बाद इन खातों की पूरी किट—एटीएम, चेक बुक, नेट बैंकिंग—ऑनलाइन सट्टा, जुआ और अवैध गेमिंग संचालित करने वाले गिरोहों को मुहैया कराते थे। जैसे ही ठगी या सट्टे का पैसा इन खातों में आता, आरोपी तुरंत रकम को दूसरे खातों में ट्रांसफर कर अपना मोटा कमीशन काटकर आगे भेज देते थे।
देशभर में दर्ज हैं साइबर शिकायतें, बीएनएस में मुकदमा दर्ज
पुलिस द्वारा जब्त पासबुक और चेक बुक्स के तकनीकी विश्लेषण में खुलासा हुआ है कि इन खातों पर देश के कई राज्यों में पहले से ही गंभीर साइबर शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सुखेर थाने में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब उदयपुर में विला उपलब्ध कराने वाले स्थानीय मददगारों और नेटवर्क से जुड़े अन्य सरगनाओं की तलाश में जुटी है।
गिरफ्त में आए आरोपी
संगथा भाई (23): पुत्र बबाभाई नाई, निवासी बनासकांठा, गुजरात। किरण कुमार (24): पुत्र वासुभाई खत्री, निवासी डीसा, बनासकांठा, गुजरात। हितेश कुमार (27): पुत्र वरसंगजी, निवासी डीसा, बनासकांठा, गुजरात। पवन दर्जी (19): पुत्र राकेश भाई, निवासी पाटण, जिला पाटण, गुजरात।