जयपुर। राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव 2026 को लेकर गांवों में चुनावी हलचल तेज हो रही है। उम्मीदवारों के प्रचार से लेकर मतदाताओं के बीच चर्चाओं तक, चुनाव चिह्न इस बार भी अहम भूमिका निभाने वाले हैं। खास बात यह है कि सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव में उम्मीदवारों को भाजपा का कमल, कांग्रेस का हाथ या आम आदमी पार्टी की झाड़ू जैसे पार्टी चिह्न नहीं मिलेंगे। इन पदों पर राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित मुक्त चुनाव चिह्नों का इस्तेमाल किया जाएगा।

वहीं, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य के चुनाव में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अधिकृत उम्मीदवारों को उनके आरक्षित पार्टी चिह्न मिल सकते हैं। निर्दलीय प्रत्याशियों के लिए निर्धारित मुक्त चिह्नों की व्यवस्था है। राजस्थान365 पर प्रकाशित चुनाव चिह्नों की सूची के मुताबिक, सरपंच और वार्ड पंच के लिए अलग-अलग 40-40 मुक्त चिह्न निर्धारित हैं, जबकि पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य के लिए 20-20 मुक्त चिह्नों की सूची दी गई है। 

सरपंच चुनाव में मिलेंगे 40 मुक्त चिह्न

सरपंच का चुनाव दलीय आधार पर नहीं होता। इसलिए प्रत्याशी को किसी राजनीतिक दल का आरक्षित चिह्न नहीं दिया जाता। सरपंच पद के लिए निर्धारित 40 मुक्त चुनाव चिह्नों में रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं से लेकर फल-सब्जियों और उपकरणों तक को शामिल किया गया है।

सरपंच पद के 40 चुनाव चिह्नों की सूची:

प्रेस, स्लेट, कटहल, जुराबें, केतली, सोफा, भिंडी, हेलमेट, लेडी पर्स, स्टूल, कुंडी, झूला, लेटर बॉक्स, सिरिंज, माचिस की डिब्बी, मेज, माइक, टेंट, कड़ाही, कैमरा, नाशपाती, चिमटा, ट्यूब लाइट, दांत ब्रश, मूसल और खरल, टूथपेस्ट, पेट्रोल पंप, ट्रक, करनी, टायर, बिस्कुट, छड़ी, प्रेशर कुकर, दीवार खूंटी, रेजर, अखरोट, खिड़की, तरबूज, रोड रोलर और पानी का टैंक।

इस सूची में कई ऐसे चिह्न हैं जिन्हें ग्रामीण मतदाता आसानी से पहचान सकते हैं। प्रत्याशियों के लिए चुनाव चिह्न मतदाताओं तक अपनी पहचान पहुंचाने का एक अहम माध्यम बन सकता है।

वार्ड पंच के लिए अलग होंगे 40 चुनाव चिह्न

वार्ड पंच पद के लिए भी 40 मुक्त चुनाव चिह्न निर्धारित किए गए हैं। ये सरपंच पद की सूची से अलग हैं। इनमें घरेलू सामान, फल-सब्जियां, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और रोजमर्रा में काम आने वाली वस्तुएं शामिल हैं।

वार्ड पंच पद के 40 चुनाव चिह्न:

अलमारी, चप्पलें, सेब, कोट, गुब्बारा, चारपाई, चूड़ियां, मिक्सी, मोतियों का हार, पेंसिल डिब्बा, बेंच, तकिया, आदमी व पाल युक्त नौका, बिजली का खंभा, बक्सा, बांसुरी, ईंटें, फ्रॉक, बाल्टी, रेफ्रिजरेटर, लिफाफा, टेलीविजन, फव्वारा, टेलीफोन, फूलगोभी, गैस का चूल्हा, जंजीर, टॉफियां, चक्की, साइकिल पंप, अंगूर, आरी, हरी मिर्च, स्कूल का बस्ता, हाथगाड़ी, कैंची, हारमोनियम, सिलाई मशीन, आइसक्रीम और जूता।

इस तरह सरपंच और वार्ड पंच के लिए चिह्नों की अलग-अलग सूची होने के कारण दोनों पदों के चुनाव में प्रतीकों को लेकर अंतर रहेगा।

पंचायत समिति सदस्य के चुनाव में क्या होगा?

पंचायत समिति सदस्य के चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों के लिए 20 मुक्त चुनाव चिह्नों की सूची है। मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के अधिकृत उम्मीदवार को नियमानुसार पार्टी का आरक्षित चिह्न मिल सकता है।

पंचायत समिति सदस्य के लिए मुक्त चिह्नों की सूची:

अलमारी, चप्पलें, सेब, कोट, गुब्बारा, चारपाई, चूड़ियां, मिक्सी, मोतियों का हार, पेंसिल डिब्बा, बेंच, तकिया, आदमी व पाल युक्त नौका, बिजली का खंभा, बक्सा, बांसुरी, ईंटें, फ्रॉक, बाल्टी और रेफ्रिजरेटर।

पंचायत समिति के निर्वाचित सदस्यों की भूमिका आगे चलकर पंचायत समिति के प्रधान और उपप्रधान के चयन में भी अहम होती है। प्रधान और उपप्रधान का चुनाव सीधे आम मतदाताओं द्वारा नहीं, बल्कि निर्वाचित सदस्यों की प्रक्रिया के तहत होता है।

जिला परिषद सदस्य के लिए 20 मुक्त चिह्न

जिला परिषद सदस्य के चुनाव में भी निर्दलीय उम्मीदवारों के लिए 20 मुक्त चुनाव चिह्न निर्धारित हैं। राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रत्याशी संबंधित नियमों के अनुसार आरक्षित पार्टी चिह्न पर चुनाव लड़ सकते हैं।

जिला परिषद सदस्य के लिए मुक्त चिह्नों की सूची:

लिफाफा, टेलीविजन, फव्वारा, टेलीफोन, फूलगोभी, गैस का चूल्हा, जंजीर, टॉफियां, चक्की, साइकिल पंप, अंगूर, आरी, हरी मिर्च, स्कूल का बस्ता, हाथगाड़ी, कैंची, हारमोनियम, सिलाई मशीन, आइसक्रीम और जूता।

जिला परिषद सदस्य चुने जाने के बाद जिला प्रमुख और उप जिला प्रमुख के चयन की प्रक्रिया में निर्वाचित सदस्यों की भूमिका रहती है।

भाजपा, कांग्रेस और अन्य पार्टियों के चुनाव चिह्न

पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य के चुनाव में मान्यता प्राप्त दलों के अधिकृत उम्मीदवारों को उनके आरक्षित चुनाव चिह्न मिल सकते हैं। सूची में प्रमुख राजनीतिक दलों के चिह्न इस प्रकार हैं:

  • भारतीय जनता पार्टी (BJP): कमल

  • भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस: हाथ

  • आम आदमी पार्टी (AAP): झाड़ू

  • बहुजन समाज पार्टी (BSP): हाथी

  • भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी): हथौड़ा, हंसिया और सितारा

  • नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP): किताब

  • राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP): बोतल

  • भारत आदिवासी पार्टी (BAP): हॉकी और बॉल

ध्यान रहे, पार्टी के आरक्षित चिह्न और मुक्त चिह्नों के नियम पद के अनुसार अलग हैं। सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव में पार्टी के चिह्न लागू नहीं होते।

सरपंच और वार्ड पंच को चुनाव चिह्न कैसे मिलेगा?

सरपंच और वार्ड पंच के लिए नाम वापसी के बाद मैदान में बचे उम्मीदवारों की सूची हिंदी वर्णमाला के क्रम में तैयार की जाती है। इसी क्रम के अनुसार उम्मीदवारों को सूची में निर्धारित चिह्न दिए जाते हैं। यानी उम्मीदवार अपनी पसंद का कोई भी चिह्न चुन ले, ऐसा जरूरी नहीं है।

इस व्यवस्था के कारण उम्मीदवारों के नाम और उनकी अंतिम सूची महत्वपूर्ण हो जाती है। चिह्न आवंटन के बाद प्रत्याशी अपने प्रचार में उसी प्रतीक का इस्तेमाल कर सकते हैं।

मतपत्र का रंग भी होगा अलग

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, सरपंच पद के लिए सफेद और वार्ड पंच पद के लिए गुलाबी मतपत्र निर्धारित है। मतपत्र पर चुनाव चिह्नों के साथ उम्मीदवारों की पहचान दर्ज करने की व्यवस्था रहती है। मतदाता को मतदान करते समय संबंधित पद के मतपत्र पर अपने पसंदीदा उम्मीदवार के चिह्न की पहचान करनी होगी।

चुनाव चिह्न कब आवंटित होंगे?

चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव चिह्न अलग-अलग चरणों में नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवंटित किए जाने हैं:

  • पहला चरण: 23 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2 बजे के बाद

  • दूसरा चरण: 29 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2 बजे के बाद

  • तीसरा चरण: 4 नवंबर 2026 को दोपहर 2 बजे के बाद

  • चौथा चरण: 15 नवंबर 2026 को दोपहर 2 बजे के बाद

अंतिम कार्यक्रम और किसी विशेष ग्राम पंचायत में लागू तारीख की पुष्टि संबंधित निर्वाचन अधिकारी की सूची से की जानी चाहिए। 

मतदाता और उम्मीदवार इन बातों का रखें ध्यान

  1. सरपंच और वार्ड पंच के लिए पार्टी का आरक्षित चिह्न नहीं मिलता।

  2. दोनों पदों के लिए 40-40 अलग मुक्त चिह्नों की सूची है।

  3. पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य के चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार मुक्त चिह्नों में से चिह्न प्राप्त कर सकते हैं।

  4. पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार को संबंधित नियमों के अनुसार आरक्षित चिह्न मिलता है।

  5. चिह्न आवंटन की अंतिम पुष्टि रिटर्निंग अधिकारी की आधिकारिक सूची से करें।