उदयपुर। भगवान अग्रसेन जी की 5150वीं जयंती के उपलक्ष्य में प्रवासी अग्रवाल समाज समिति, उदयपुर की ओर से शुक्रवार शाम सेक्टर-4, हिरण मगरी स्थित अटल सभा केंद्र में भव्य सम्मान समारोह एवं सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 500 से अधिक समाजजनों ने भाग लिया। इस दौरान समाज भवन निर्माण के लिए 1 करोड़ 1 लाख 11 हजार 111 रुपये का सहयोग देने वाले भामाशाह कैलाश चंद्र गोयल को सम्मानित किया गया। समारोह में सामाजिक एकता, सेवा, महिला सशक्तीकरण और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।

समाज भवन के लिए सहयोग देने वाले भामाशाह का सम्मान

समारोह की अध्यक्षता प्रवासी अग्रवाल समाज समिति के अध्यक्ष शशिकांत खेतान ने की। उन्होंने अतिथियों का स्वागत करते हुए समिति की गतिविधियों और निर्माणाधीन समाज भवन की प्रगति की जानकारी दी।

समाज भवन निर्माण में 1,01,11,111 रुपये का सहयोग देने वाले भामाशाह कैलाश चंद्र गोयल को पगड़ी एवं साफा पहनाकर और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। समिति अध्यक्ष शशिकांत खेतान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष आर.के. अग्रवाल और भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष के. जिंदल ने उनका सम्मान किया।

इस अवसर पर शशिकांत खेतान ने नगर निगम से शहर के किसी प्रमुख चौराहे को समाज को आवंटित कर उसका नामकरण ‘अग्रसेन चौराहा’ करने की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि समाज को चौराहा आवंटित होने पर उसके सौंदर्यीकरण और नियमित रखरखाव की जिम्मेदारी समिति निभाएगी।

महापौर पारस सिंघवी बोले—एकता और सेवा की मिसाल है अग्रवाल समाज

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उदयपुर नगर निगम के महापौर पारस सिंघवी ने कहा कि प्रवासी अग्रवाल समाज एकता के सूत्र में बंधकर भगवान अग्रसेन जी के सिद्धांतों पर चलने वाला समाज है। उन्होंने समाज की सेवा भावना और संस्कारों की सराहना की।

महापौर ने महिला सशक्तीकरण और ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ की भावना को अग्रवाल समाज के संस्कारों का हिस्सा बताया। उन्होंने डूंगरपुर नगर परिषद की सभापति सुशीला गुप्ता का उदाहरण देते हुए महिला नेतृत्व की भूमिका को रेखांकित किया।

समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित उदयपुर नगर निगम के उपमहापौर दिनेश भट्ट ने कहा कि सर्वसमाज की सेवा करना और सभी को साथ लेकर चलना अग्रवाल समाज की विशेषता है। उन्होंने बताया कि वे पिछले 40 वर्षों से अग्रवाल समाज से जुड़े हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उदयपुर के अग्रवाल समाज के उद्योगपतियों ने अपने व्यवसायों के माध्यम से अन्य समाजों के 10 हजार से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया है।

बेटियों को शिक्षा और नेतृत्व के अवसर देने पर जोर

कार्यक्रम की अति विशिष्ट अतिथि डूंगरपुर नगर परिषद की सभापति सुशीला गुप्ता ने कहा कि भगवान अग्रसेन जी ने समाज को सेवा, सहयोग और समर्पण का मार्ग दिखाया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक एकता बनाए रखना और समाज को आगे बढ़ाना हमारी विरासत है।

उन्होंने बेटियों को अधिक से अधिक अवसर देने, उन्हें शिक्षित करने और राजनीति तथा प्रशासनिक पदों तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। उनके अनुसार, महिला नेतृत्व को बढ़ावा देना समाज की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है।

बच्चों की प्रस्तुतियों और प्रतियोगिताओं ने बांधा समां

समिति के मंत्री राजेश अग्रवाल के अनुसार, कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान अग्रसेन जी की आरती के साथ हुआ। इसके बाद बच्चों के लिए तीन आयु एवं कक्षा समूहों में एकल नृत्य प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें कक्षा 2 से 5, कक्षा 6 से 8 और कक्षा 9 से 11 तक के बच्चों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया।

महिला समिति की अध्यक्ष रमा मित्तल और मंत्री संतोष पित्ती के संयोजन में आयोजित विचित्र वेशभूषा प्रतियोगिता भी आकर्षण का केंद्र रही। वहीं, सांस्कृतिक सचिव अजय गुप्ता के अनुसार प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता ने कार्यक्रम को रोचक बनाया।

महिला समिति के कार्यक्रमों में शशि पित्ती और सोनाली बंसल का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन आस्था बंसल और रितिका गुप्ता ने किया।

सामाजिक एकता और सहयोग का दिया संदेश

समारोह में समाज के वरिष्ठ संरक्षक, पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य और अनेक समाजजन सपरिवार उपस्थित रहे। सम्मान समारोह और सांस्कृतिक संध्या के माध्यम से भगवान अग्रसेन जी के आदर्शों को अपनाने, सामाजिक सेवा को बढ़ावा देने और नई पीढ़ी को सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का संदेश दिया गया।

समाज भवन निर्माण के लिए भामाशाह कैलाश चंद्र गोयल द्वारा दिए गए सहयोग को समाज के सामूहिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान के रूप में रेखांकित किया गया।