उदयपुर। शोभागपुरा–विश्वविद्यालय 80 फीट लिंक रोड स्थित चौराहे के नामकरण को लेकर ठाकुर अमरचंद बड़वा स्मृति संस्थान ने वर्ष 2018 में लिए गए निर्णय को लागू करने की मांग उठाई है। संस्थान का कहना है कि चौराहे पर ‘ठाकुर अमरचंद बड़वा चौराहा’ का नामकरण बोर्ड लगाने के साथ उनकी प्रतिमा स्थापित करने के लिए स्थान भी तय किया जाए। इससे चौराहे को लेकर चल रहे विवाद पर विराम लग सकेगा।
संस्थान के अध्यक्ष प्रो. विमल शर्मा ने कहा कि उपलब्ध अभिलेख के अनुसार, 5 जून 2018 को तत्कालीन नगर विकास प्रन्यास की बैठक में चौराहे का नाम ‘ठाकुर अमरचंद बड़वा चौराहा’ रखने का निर्णय किया गया था। अब इस निर्णय को धरातल पर स्पष्ट रूप से लागू करने की जरूरत है। वे हाल ही में चौराहे के लोकार्पण के बाद आयोजित संस्थान की जयघोष सभा में बोल रहे थे।
संस्थान के संरक्षक एवं एमपीयूएटी के पूर्व कुलपति प्रो. उमा शंकर शर्मा ने कहा कि ठाकुर अमरचंद बड़वा का मेवाड़ के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रहा है। उनके नाम पर चौराहे का नामकरण ऐतिहासिक व्यक्तित्व के प्रति सम्मान का प्रतीक है।
उपाध्यक्ष डॉ. अनिल शर्मा ने बड़वा को मेवाड़ के प्रथम वास्तुकार के रूप में ख्यात बताते हुए चौराहे के सौंदर्यीकरण को यूडीए का दायित्व बताया। संगठन सचिव जयकिशन चौबे ने भी नामकरण बोर्ड लगाने और प्रतिमा स्थापना के लिए स्थान जल्द तय करने की मांग दोहराई।
संस्थान ने कहा कि उसका उद्देश्य किसी पक्ष का विरोध करना नहीं, बल्कि वर्ष 2018 के निर्णय के आधार पर स्पष्ट और व्यावहारिक समाधान सुनिश्चित करना है। संस्थान से जुड़े इतिहासकारों ने भी कहा कि नामकरण की घोषणा के आठ साल बाद किसी अन्य नाम से चौराहा बनाना ठाकुर अमरचंद बड़वा के योगदान का अपमान होगा।
सभा में राजेंद्र प्रसाद सनाढ्य, मनोहर लाल मूंदड़ा, शरद भारद्वाज, राजेंद्र नाथ पुरोहित, हाजी सरदार मोहम्मद, संध्या रावल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।