उदयपुर। विजयादशमी पर मंगलवार शाम गांधी ग्राउंड (महाराणा भूपाल स्टेडियम) में बुराई पर अच्छाई की जीत का नजारा देखने के लिए शहर उमड़ पड़ा। भगवान राम के तीर चलते ही 70 फीट ऊंचा रावण और 65-65 फीट के मेघनाद व कुंभकरण के पुतले आग की लपटों में घिर गए। करीब 15 मिनट में रावण का पूरा कुनबा जलकर राख हो गया। इस दौरान पटाखों की गूंज और 'जय श्रीराम' के जयकारों से पूरा मैदान गूंज उठा।
रावण दहन से पहले मैदान में 100 फीट लंबी सोने की लंका आकर्षण का केंद्र रही। हनुमानजी का स्वरूप धारण किए व्यक्ति ने अपनी पूंछ से लंका में आग लगाई। देखते ही देखते आग ने पूरी लंका को अपनी चपेट में ले लिया। इससे पहले करीब 15 मिनट तक आतिशबाजी हुई। आसमान में उठते रॉकेट और पटाखों की रोशनी ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
कुंभकरण के पुतले को दोबारा जलाना पड़ा
भगवान राम ने तीर चलाकर पुतलों का दहन किया। इस दौरान कुंभकरण का पुतला शुरुआत में पूरी तरह नहीं जला। बाद में उसे दोबारा जलाया गया। तीनों पुतलों से पटाखे फूटने लगे तो मैदान में मौजूद लोगों ने जयकारे लगाए। चारों तरफ दर्शकों की भीड़ नजर आई।
राम-लक्ष्मण और हनुमान की झांकियां रहीं आकर्षण
रावण दहन से पहले शहर में शोभायात्रा निकाली गई, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए गांधी ग्राउंड पहुंची। इसमें भगवान राम, लक्ष्मण और हनुमान की आकर्षक झांकियां शामिल रहीं। शोभायात्रा और रावण दहन के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
भीड़ के चलते बदला यातायात
दशहरा आयोजन को देखते हुए गांधी ग्राउंड के आसपास यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया। पुलिस ने भीड़ को ध्यान में रखते हुए शाम 4 बजे से चेतक सर्कल, कोर्ट चौराहा, हाथीपोल और लोककला मंडल मार्ग पर यातायात डायवर्ट किया। वाहनों की पार्किंग के लिए भी व्यवस्था तय की गई।
15 मिनट में जला रावण का कुनबा, हनुमानजी ने लगाई सोने की लंका में आग
गांधी ग्राउंड में रावण दहन देखने उमड़ा शहर, राम-लक्ष्मण और हनुमान की झांकियों के साथ निकली शोभायात्रा
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