राजस्थान न्यूज 24 | अजमेर

राजस्थान के अजमेर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जिला पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने एक और व्यक्ति को दस्तयाब किया है। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए व्यक्ति की पहचान 52 वर्षीय गुलाम मुस्तफा के रूप में हुई है, जिसने पूछताछ में खुद को बांग्लादेश का निवासी बताया। दरगाह थाना पुलिस और सीआईडी जोन अजमेर की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की।

पुलिस मुख्यालय के निर्देशों पर चलाए जा रहे इस अभियान में यह 27वीं कार्रवाई बताई गई है। पुलिस के मुताबिक, इस कार्रवाई के साथ अभियान के तहत अब तक दस्तयाब किए गए बांग्लादेशी नागरिकों की कुल संख्या 61 हो गई है। संबंधित व्यक्ति की नागरिकता और भारत में प्रवेश से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और नियमानुसार की जाएगी।

दरगाह क्षेत्र में तलाश के दौरान मिला संदिग्ध

पुलिस के अनुसार, अजमेर में अवैध रूप से निवास कर रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान के लिए आसूचना संकलन, तकनीकी साधनों और अन्य उपलब्ध जानकारियों के आधार पर अभियान चलाया जा रहा है।

संयुक्त टीम ने दरगाह बाजार, जालियान कब्रिस्तान, अंदरकोट, नई सड़क, तारागढ़ की पहाड़ी, सिलावट मोहल्ला, बड़े पीर का चिल्ला, लंगर खाना गली, चश्मा-ए-नूर, त्रिपोलिया गेट, सोहले खंभा, झालरा और लाखन कोटड़ी सहित विभिन्न क्षेत्रों में तलाश की।

इसी दौरान एक व्यक्ति को संदेह के आधार पर दस्तयाब कर पूछताछ की गई। उसने अपना नाम गुलाम मुस्तफा, पुत्र स्वर्गीय नजीर हुसैन, निवासी गांव मुगलहाट, थाना लालमुनिहाट, जिला लालमुनिहाट, बांग्लादेश बताया।

करीब 25 साल पहले भारत आने का दावा

पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, पूछताछ में गुलाम मुस्तफा ने करीब 25 वर्ष पहले पश्चिम बंगाल के मुगलहाट बॉर्डर के रास्ते अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने की बात कही।

उसने बताया कि भारत आने के बाद वह पश्चिम बंगाल में कुछ समय तक रहा और एक किराना दुकान पर काम किया। इसके बाद ट्रेन से अजमेर दरगाह शरीफ पहुंचा। पुलिस के अनुसार, उसने विभिन्न समय पर दिल्ली, उत्तराखंड, हरिद्वार, असम, गुजरात और महाराष्ट्र सहित कई स्थानों पर रहने की जानकारी दी।

पूछताछ में उसने करीब तीन महीने पहले दोबारा अजमेर आने और दरगाह क्षेत्र में रहने की बात भी बताई है। हालांकि, ये विवरण फिलहाल पूछताछ में सामने आए कथन हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि और नागरिकता से संबंधित तथ्यों की जांच की जानी बाकी है।

पुलिस और सीआईडी की संयुक्त कार्रवाई

यह कार्रवाई महानिरीक्षक पुलिस अजमेर रेंज डॉ. रवि और पुलिस अधीक्षक अजमेर हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर एवं मुख्यालय हिमांशु जांगिड़ के निर्देशन तथा वृत्ताधिकारी दरगाह हर्षित शर्मा के नेतृत्व में जिला पुलिस और सीआईडी जोन अजमेर की संयुक्त टीम गठित की गई थी।

कार्रवाई में दरगाह थानाधिकारी दिनेश जीवनानी सह-टीम प्रभारी के रूप में शामिल रहे। इसके अलावा सीआईडी जोन अजमेर के निरीक्षक नरेंद्र कुमार शर्मा, सहायक उपनिरीक्षक मजीद मोहम्मद, डीएसबी अजमेर के सहायक उपनिरीक्षक योगेश कुमार तथा दरगाह थाना और सीआईडी के अन्य पुलिसकर्मियों ने भूमिका निभाई। कांस्टेबल मुकेश कुमार और नाथूराम का भी विशेष योगदान बताया गया है।

नागरिकता और प्रवेश से जुड़े तथ्यों की जांच जारी

पुलिस के अनुसार, गुलाम मुस्तफा को पूछताछ के लिए दरगाह थाने लाया गया है। उसकी नागरिकता, भारत में प्रवेश के तरीके और यहां रहने से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और लागू कानूनों के अनुसार की जाएगी।

अजमेर पुलिस का यह अभियान जिले में अवैध रूप से निवास कर रहे विदेशी नागरिकों की पहचान करने और संबंधित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।

खबर का सार: अजमेर में पुलिस और सीआईडी की संयुक्त कार्रवाई के दौरान 52 वर्षीय गुलाम मुस्तफा को दस्तयाब किया गया। पुलिस के मुताबिक, अभियान के तहत अब तक 61 बांग्लादेशी नागरिकों को दस्तयाब किया जा चुका है। पकड़े गए व्यक्ति की नागरिकता और भारत में प्रवेश से संबंधित तथ्यों की जांच अभी जारी है।