जयपुर। राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव का कार्यक्रम जारी होने के महज दो दिन बाद ही तीसरे चरण की मतदान तारीख को लेकर संशय की स्थिति बन गई है। पंच और सरपंच चुनाव के तीसरे चरण में 6 नवंबर को 3,605 ग्राम पंचायतों में मतदान होना है, लेकिन इसी दिन धनतेरस का त्योहार है। इसे देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग अब मतदान की तारीख में बदलाव की संभावना पर विचार कर रहा है।
राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने कहा है कि चुनाव कार्यक्रम तैयार करते समय धनतेरस की तारीख का ध्यान नहीं रखा गया था। आयोग अब लोगों की आस्था और त्योहार को देखते हुए इस स्थिति का समाधान निकालने पर विचार कर रहा है। हालांकि, फिलहाल 6 नवंबर की तारीख आधिकारिक रूप से बदली नहीं गई है और नई तारीख भी तय नहीं हुई है।
धनतेरस के दिन क्यों हो रही तारीख बदलने की चर्चा?
राज्य निर्वाचन आयुक्त के अनुसार धनतेरस सरकारी अवकाश नहीं है और सामान्य तौर पर इस दिन मतदान कराया जा सकता है। लेकिन धनतेरस से लोगों की धार्मिक भावनाएं जुड़ी हैं। इस दिन बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए बाजार जाते हैं और शाम को धनतेरस की पूजा भी होती है।
ऐसे में आयोग के सामने यह चिंता है कि त्योहार के कारण कहीं मतदान प्रतिशत प्रभावित न हो। लोगों की ओर से भी मतदान की तारीख बदलने की मांग सामने आने के बाद आयोग ने इस मामले पर विचार शुरू किया है।
3605 ग्राम पंचायतों में होना है मतदान
राजस्थान में इस बार 14,403 ग्राम पंचायतों में पंच और सरपंच के चुनाव चार चरणों में कराए जा रहे हैं। मौजूदा कार्यक्रम के अनुसार—
- पहला चरण: 25 अक्टूबर — 3,672 ग्राम पंचायतें
- दूसरा चरण: 31 अक्टूबर — 3,625 ग्राम पंचायतें
- तीसरा चरण: 6 नवंबर — 3,605 ग्राम पंचायतें
- चौथा चरण: 16 नवंबर — 3,500 ग्राम पंचायतें
पंच और सरपंच के चुनाव बैलेट पेपर से होंगे और मतदान समाप्त होने के बाद उसी दिन मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे।
6 नवंबर बदली तो पूरे कार्यक्रम पर पड़ेगा असर
तीसरे चरण की तारीख में बदलाव होता है तो केवल मतदान की तारीख ही नहीं, बल्कि इससे जुड़े चुनावी कार्यक्रम में भी संशोधन करना पड़ेगा। मौजूदा कार्यक्रम के मुताबिक तीसरे चरण के पंच-सरपंच चुनाव के लिए 5 नवंबर को नामांकन होगा, 6 नवंबर को मतदान और मतगणना तथा 7 नवंबर को उपसरपंच का चुनाव निर्धारित है।
इसलिए अब सभी की नजर राज्य निर्वाचन आयोग के अगले फैसले पर है। आयोग की ओर से नई तारीख की आधिकारिक घोषणा होने तक 6 नवंबर को ही निर्धारित मतदान तारीख माना जाएगा।
जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव अलग तारीख पर
पंच और सरपंच के चुनाव के साथ जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव भी चार चरणों में होंगे। इनके लिए मतदान की तारीखें 23 अक्टूबर, 29 अक्टूबर, 4 नवंबर और 14 नवंबर निर्धारित हैं। इन चुनावों की मतगणना 20 नवंबर को होगी।
वहीं जिला प्रमुख का चुनाव 25 नवंबर, उप जिला प्रमुख का 26 नवंबर, प्रधान का 27 नवंबर और उप प्रधान का चुनाव 28 नवंबर को प्रस्तावित है।
अभी क्या स्थिति है?
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि चुनाव आयोग ने अभी 6 नवंबर का मतदान रद्द या स्थगित नहीं किया है। केवल धनतेरस को देखते हुए तारीख बदलने पर विचार चल रहा है। अंतिम निर्णय राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा लिया जाएगा और उसके बाद ही नई तारीख स्पष्ट होगी।
यानी फिलहाल 3,605 ग्राम पंचायतों के मतदाताओं के लिए 6 नवंबर ही निर्धारित मतदान दिवस है, लेकिन आने वाले दिनों में इसमें बदलाव संभव है।
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