जयपुर, 18 अक्टूबर। राजस्थान आने वाले विदेशी पर्यटकों को भाषा की वजह से परेशानी न हो, इसके लिए राजस्थान पुलिस की टूरिस्ट असिस्टेंस फोर्स (TAF) के जवान अब फ्रेंच भाषा सीख रहे हैं। इसी पहल के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 9 पुलिसकर्मियों ने जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) में आयोजित फ्रांसीसी संगीत कार्यक्रम ‘ले वोयाज दे रेज़े’ (Le Voyage de Rézé) में भाग लिया। यह आयोजन फ्रांस-भारत नवाचार वर्ष 2026 के अंतर्गत हुआ, जहां पुलिसकर्मियों को फ्रांसीसी भाषा, संगीत और संस्कृति को करीब से जानने का अवसर मिला।
22 पुलिसकर्मियों को फ्रेंच भाषा का प्रशिक्षण
अलायंस फ्रांसेज़ जयपुर राजस्थान पुलिस की टूरिस्ट असिस्टेंस फोर्स के 22 कर्मियों को फ्रेंच भाषा का प्रशिक्षण दे रहा है। इस पहल का उद्देश्य राजस्थान आने वाले फ्रेंच और फ्रैंकोफोन यानी फ्रेंच भाषा बोलने वाले पर्यटकों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करना है। भाषा की बुनियादी समझ होने से पुलिसकर्मियों को पर्यटकों की समस्याएं समझने, उन्हें जरूरी जानकारी देने और सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण राजस्थान में यह पहल विदेशी मेहमानों के अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में एक प्रयास है।
संगीत, कविता और लाइव पेंटिंग का अनूठा संगम
‘ले वोयाज दे रेज़े’ कार्यक्रम का आयोजन भारत में फ्रांस के दूतावास, फ्रेंच इंस्टीट्यूट इन इंडिया और अलायंस फ्रांसेज़ डी जयपुर ने किया। करीब 70 मिनट चली इस प्रस्तुति में संगीत, कविता, लाइव चित्रकला और दृश्य माध्यमों को एक साथ पेश किया गया।
कार्यक्रम में चार कलाकारों ने अपनी अलग-अलग कलाओं के जरिए दर्शकों को संगीतमय यात्रा का अनुभव कराया। रेज़े ने गायन और गिटार, सोइफ्रां ने ताल वाद्य, एम्दे ने मंच पर लाइव चित्रांकन और क्रिस्तू ने चित्रों के रियल-टाइम प्रक्षेपण की जिम्मेदारी संभाली। प्रस्तुति फ्रेंच और अंग्रेजी भाषा में हुई।
भारतीय कलाकारों के साथ फ्रांसीसी कलाकारों की जुगलबंदी
कार्यक्रम के जामिंग सत्र में भारतीय कलाकारों ने भी हिस्सा लिया। नीरजा मोदी स्कूल की सियाना ने हुला-हूप कला का प्रदर्शन किया, जबकि मोरचंग और खड़ताल वादक ममता सापरा ने फ्रांसीसी कलाकारों के साथ प्रस्तुति दी।
इस सांस्कृतिक संगम ने दिखाया कि संगीत और कला भाषा की सीमाओं से परे लोगों को जोड़ने का माध्यम बन सकते हैं। राजस्थान पुलिस के जवानों के लिए भी यह अनुभव फ्रांसीसी संस्कृति को समझने और भाषा प्रशिक्षण को व्यवहार में देखने का अवसर बना।
‘फ्रांस लाइव’ श्रृंखला के तहत भारत के नौ शहरों में कार्यक्रम
यह प्रस्तुति ‘फ्रांस लाइव’ श्रृंखला और अलायंस फ्रांसेज़ नेटवर्क के सहयोग से भारत के नौ शहरों में आयोजित की जा रही है। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर और राजस्थान पत्रिका ने सांस्कृतिक सहयोगी, जबकि कुलिश स्कूल ने कार्यशाला सहयोगी के रूप में भागीदारी की।
भारत में फ्रेंच इंस्टीट्यूट के निदेशक ग्रेगोर ट्रूमेल ने कहा कि इस तरह की प्रस्तुतियां कलाकारों और दर्शकों को मिलकर एक साझा अनुभव रचने का अवसर देती हैं। वहीं, अलायंस फ्रांसेज़ डी जयपुर की अध्यक्ष डॉ. टूलिका गुप्ता ने ऐसे आयोजनों को फ्रांसीसी प्रदर्शन कलाओं को अधिक लोगों तक पहुंचाने का माध्यम बताया। उन्होंने यह भी कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों को सुलभ और निःशुल्क बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
विद्यार्थियों और विभिन्न संस्थानों की भी रही भागीदारी
कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के कॉलेज शिक्षा आयुक्त एवं वित्त (कराधान) विभाग के विशेष सचिव नाथमल दीदेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इसके अलावा पूर्णिमा विश्वविद्यालय, जेके लक्ष्मीपत विश्वविद्यालय, द कुलिश स्कूल, द पैलेस स्कूल और कई अन्य शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों व प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का समापन कलाकारों और दर्शकों के बीच प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ। भाषा प्रशिक्षण, कला और सांस्कृतिक संवाद को जोड़ने वाला यह आयोजन राजस्थान में अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संपर्क बढ़ाने के साथ-साथ विदेशी पर्यटकों की बेहतर सहायता के प्रयास को भी रेखांकित करता है।
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