जयपुर | राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के चुनाव से एक दिन पहले चुनावी समीकरण में बड़ा बदलाव हुआ है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र सिंह राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह राठौड़ ने अध्यक्ष पद की अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है। नाम वापसी के अंतिम दिन हुए इस घटनाक्रम के बाद RCA चुनाव की तस्वीर काफी बदल गई है।

पराक्रम राठौड़ ने नाम वापस लेने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके बनाए पैनल के पास 32 वोटों का समर्थन था और उनके अनुसार वे बहुमत की स्थिति में थे। हालांकि, उन्होंने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के फैसले का सम्मान करते हुए उन्होंने चुनाव से हटने का निर्णय लिया।

बृजकिशोर उपाध्याय के समर्थन में पीछे हटे

रिपोर्टों के मुताबिक, पराक्रम राठौड़ ने बृजकिशोर उपाध्याय के समर्थन में अपना नामांकन वापस लिया है। उन्होंने उपाध्याय को अपना भाई बताते हुए साथ काम करने की बात भी कही। पराक्रम के साथ उनके पैनल के अन्य उम्मीदवारों के भी नाम वापस लेने की जानकारी सामने आई है।

शुरुआत में पांच राजनीतिक परिवारों के बेटे मैदान में थे

RCA चुनाव की नामांकन प्रक्रिया में इस बार कई राजनीतिक परिवारों से जुड़े चेहरे सामने आए थे। अध्यक्ष पद के लिए स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह खींवसर और पराक्रम सिंह राठौड़ ने नामांकन दाखिल किया था। वहीं, भाजपा विधायक जसवंत यादव के बेटे मोहित यादव भी अध्यक्ष पद के दावेदारों में शामिल थे।

अन्य प्रमुख पदों पर भी राजनीतिक परिवारों से जुड़े उम्मीदवारों ने दावेदारी की थी। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बेटे पवन दिलावर ने उपाध्यक्ष पद के लिए, जबकि राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी के बेटे आशीष तिवाड़ी ने कोषाध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया था। हालांकि, पवन दिलावर अपना नामांकन पहले ही वापस ले चुके हैं।

अब 29 सितंबर को होगा चुनाव

RCA की नई कार्यकारिणी के लिए मतदान 29 सितंबर 2026 को होना निर्धारित है। रिपोर्टों के अनुसार चुनाव में 38 मतदाता वोट डालेंगे और मतदान के बाद ही अंतिम तस्वीर स्पष्ट होगी।

पराक्रम राठौड़ के हटने के बाद अब RCA चुनाव में बचे उम्मीदवारों और पैनलों पर निगाहें हैं। नाम वापसी के बाद सामने आए नए समीकरणों के बीच चुनावी प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है।