उदयपुर। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के तत्वावधान में सुखाड़िया सर्कल स्थित रेलवे परिसर के बालाजी हनुमान मंदिर में तीन दिवसीय संगीतमय सुंदरकाण्ड कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। कथा के प्रथम दिन कथाव्यास साध्वी दीपिका भारती ने श्रद्धालुओं को सुंदरकाण्ड के आध्यात्मिक महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि सुंदरकाण्ड केवल रामायण का एक प्रसंग नहीं, बल्कि भक्ति, समर्पण और जीवन की बाधाओं को पार करने की प्रेरणा देने वाली यात्रा है।

भक्ति से ही जीवन को मिलती है सार्थकता

दिव्य गुरु आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी दीपिका भारती ने कहा कि मानव जीवन ईश्वर की ओर से मिली अमूल्य निधि है। मनुष्य जीवन का वास्तविक उद्देश्य परमात्मा की अनुभूति करना और अपने भीतर आध्यात्मिक चेतना को जागृत करना है। जब व्यक्ति भक्ति के वास्तविक स्वरूप को समझकर अंतर्मन की यात्रा करता है, तभी उसका जीवन सही अर्थों में सार्थक बनता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में लोग भौतिक संसाधन, ऊंचे पद और धन-संपत्ति प्राप्त करने की दौड़ में लगे हुए हैं। इन उपलब्धियों के बावजूद ईश्वर से जुड़ाव के अभाव में व्यक्ति आंतरिक सुख और संतुष्टि से वंचित रह सकता है। ऐसे में भक्ति मनुष्य को आत्मिक शांति और जीवन के वास्तविक उद्देश्य का बोध कराती है।

सुंदरकाण्ड देता है समर्पण और दृढ़ विश्वास की प्रेरणा

रामचरितमानस की चौपाई “भक्ति तात अनुपम सुख मूला। मिलहिं जो संत होहि अनुकूला॥” का उल्लेख करते हुए साध्वी दीपिका भारती ने कहा कि भक्ति समस्त सुखों का मूल है। उन्होंने संतों के सानिध्य और आध्यात्मिक मार्गदर्शन के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भगवान हनुमान ने अपने जीवन और प्रभु श्रीराम के प्रति अनन्य समर्पण के माध्यम से भक्ति का आदर्श प्रस्तुत किया। सुंदरकाण्ड का संदेश है कि अटूट विश्वास, समर्पण और प्रभु के प्रति निष्ठा के साथ कठिन से कठिन परिस्थितियों का सामना किया जा सकता है।

भजनों और चौपाइयों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

कथा के दौरान साध्वी तारिणी भारती, साध्वी शालिनी भारती एवं गुरुबहन भारती ने रामचरितमानस की चौपाइयों और भजनों की संगीतमय प्रस्तुतियां दीं। वहीं साध्वी अभया भारती, साध्वी प्रमिता भारती तथा गुरुभाई पवन और सुशान्त ने वाद्य यंत्रों पर संगत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। संगीतमय प्रस्तुतियों के बीच श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया और भक्ति भाव में लीन नजर आए।

तीन दिन तक चलेगा धार्मिक आयोजन

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के तत्वावधान में आयोजित यह संगीतमय सुंदरकाण्ड कथा प्रतिदिन शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक आयोजित की जा रही है। तीन दिवसीय इस आयोजन के माध्यम से श्रद्धालुओं को रामचरितमानस के आध्यात्मिक संदेशों, भक्ति और जीवन मूल्यों से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।