उदयपुर। ऐश्वर्या ग्रुप ऑफ कॉलेजेज, उदयपुर में भारतीय वायुसेना दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों के व्यक्तित्व एवं कौशल विकास के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। ट्रेनिंग, प्लेसमेंट एवं इन्क्यूबेशन सेंटर की ओर से आयोजित इस सत्र में विद्यार्थियों को ऑरेटरी स्किल्स यानी प्रभावी वक्तृत्व कला और संचार कौशल के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, स्पष्ट अभिव्यक्ति, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता को विकसित करना रहा।
भारतीय वायुसेना के गौरवशाली इतिहास से कराया परिचित
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को भारतीय वायुसेना के गौरवशाली इतिहास, वीरता, अनुशासन और राष्ट्र की सुरक्षा में उसके महत्वपूर्ण योगदान के बारे में बताया गया। साथ ही, सैन्य सेवाओं में प्रभावी संचार की भूमिका को भी समझाया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि सैन्य वातावरण में स्पष्ट, संक्षिप्त और प्रभावशाली संवाद निर्णय लेने, निर्देश देने तथा टीम के सदस्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस दौरान कमांड भाषा, संकेतों, हाथ के इशारों और अन्य गैर-मौखिक संचार माध्यमों के उदाहरणों के माध्यम से यह समझाया गया कि सही समय पर स्पष्ट निर्देश देना किसी भी मिशन की सफलता के लिए कितना महत्वपूर्ण होता है।
ऑरेटरी स्किल्स से बढ़ेगा आत्मविश्वास
प्रशिक्षण सत्र में विद्यार्थियों को सार्वजनिक मंच पर प्रभावशाली ढंग से बोलने, विचारों को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत करने और श्रोताओं के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने के तरीके बताए गए। उन्हें समझाया गया कि वक्तृत्व कला केवल मंच पर भाषण देने तक सीमित नहीं है, बल्कि साक्षात्कार, समूह चर्चा, नेतृत्व की जिम्मेदारियों और कार्यस्थल पर प्रभावी संवाद के लिए भी आवश्यक है। बेहतर संचार कौशल से व्यक्ति अपनी बात अधिक स्पष्टता और आत्मविश्वास के साथ रख सकता है।
वॉयस मॉड्यूलेशन और बॉडी लैंग्वेज पर विशेष जोर
सत्र के दौरान वॉयस मॉड्यूलेशन, बॉडी लैंग्वेज, प्रस्तुतीकरण शैली, शब्दों के उचित चयन और मंच पर आत्मविश्वास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। विद्यार्थियों को अपनी झिझक दूर करने तथा शैक्षणिक और व्यावसायिक परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से संवाद करने के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया गया। इसके साथ ही, स्पष्ट निर्देश देने, एकाग्रता बनाए रखने और परिस्थितियों के अनुरूप संवाद करने की क्षमता को व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।
प्लेसमेंट और व्यावसायिक सफलता में भी मिलेगी मदद
ट्रेनिंग, प्लेसमेंट एवं इन्क्यूबेशन सेंटर की इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ भविष्य की व्यावसायिक चुनौतियों के लिए भी तैयार करना रहा। प्रभावी संचार कौशल विद्यार्थियों को साक्षात्कार, समूह चर्चा और रोजगार के विभिन्न अवसरों में अपनी योग्यता बेहतर ढंग से प्रस्तुत करने में मदद कर सकते हैं। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना को प्रोत्साहित किया गया। यह प्रशिक्षण सत्र विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास और पेशेवर तैयारी की दिशा में एक उपयोगी पहल रहा।
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