उदयपुर। राजस्थान में पंचायती राज चुनाव 2026 को लेकर उदयपुर जिले में चुनावी गतिविधियां अब तेज हो गई हैं। पहले चरण के चुनाव के लिए 8 अक्टूबर, गुरुवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। जिला निर्वाचन प्रशासन ने चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। निर्वाचन प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों के साथ अधिकारियों और मतदान कार्मिकों के प्रशिक्षण का कार्यक्रम भी तय कर दिया गया है।
उदयपुर जिले में कुल 20 पंचायत समितियों की 590 ग्राम पंचायतों में चुनाव प्रस्तावित हैं। इनमें पहले चरण में 10 पंचायत समितियों की 284 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। इस चरण के लिए जिले में 826 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
पहले चरण में झाड़ोल, फलासिया, ओगणा, गिर्वा, नाई, मावली, घासा, वल्लभनगर, भींडर और कुराबड़ क्षेत्र में चुनाव होंगे। इसके लिए गुरुवार को निर्वाचन संबंधी अधिसूचना जारी होने के साथ ही जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव की नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
13 अक्टूबर तक दाखिल किए जा सकेंगे नामांकन
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार उम्मीदवार 13 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। इसके बाद 14 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। चुनाव मैदान से नाम वापस लेने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए 15 अक्टूबर दोपहर 3 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है।
नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसी दिन उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। इसके बाद चुनावी तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी और प्रत्याशी प्रचार अभियान में जुटेंगे।
पहले चरण के लिए 22 अक्टूबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान कराया जाएगा। वहीं, जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के मतों की गणना 20 नवंबर को होगी।
पंच-सरपंच के लिए अलग कार्यक्रम
पंचायती राज चुनाव में पंच और सरपंच पदों की निर्वाचन प्रक्रिया जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों से अलग रखी गई है। पहले चरण के तहत पंच-सरपंच पदों के लिए 23 अक्टूबर को नामांकन प्रक्रिया होगी। इसके अगले दिन यानी 24 अक्टूबर को मतदान और मतगणना कराई जाएगी।
इस तरह जिले में चुनावी प्रक्रिया कई चरणों में आगे बढ़ेगी और प्रशासन ने इसके लिए मतदान केंद्रों, निर्वाचन अधिकारियों और कार्मिकों की व्यवस्था पर काम शुरू कर दिया है।
चुनाव ड्यूटी में लगाए जाने वाले कार्मिकों की ट्रेनिंग भी शुरू
चुनाव कार्यक्रम के साथ ही उदयपुर में निर्वाचन ड्यूटी में लगाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रशिक्षण भी शुरू हो गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलक्टर गौरव अग्रवाल ने प्रशिक्षण को लेकर विस्तृत कार्यक्रम जारी किया है।
सबसे पहले रिटर्निंग अधिकारियों (आरओ) को प्रशिक्षण दिया जाएगा। 12 और 13 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे से नगर निगम के सुखाड़िया रंगमंच सभागार में प्रशिक्षण आयोजित होगा। दोनों दिन करीब 320-320 आरओ प्रशिक्षण में शामिल होंगे।
इसके बाद 14 अक्टूबर से मतदान प्रक्रिया में लगाए जाने वाले कार्मिकों के प्रशिक्षण का सिलसिला शुरू होगा। प्रशासन ने कार्मिकों की सुविधा को देखते हुए अलग-अलग ब्लॉक और तहसीलों के लिए अलग प्रशिक्षण केंद्र तय किए हैं।
इन स्थानों पर होंगे मतदान कार्मिकों के प्रशिक्षण
बड़गांव, गिर्वा, कुराबड़ और बारापाल क्षेत्र के कार्मिकों का प्रशिक्षण 14 और 15 अक्टूबर को सुखाड़िया रंगमंच, टाउन हॉल उदयपुर में होगा। भींडर और कानोड़ क्षेत्र के कार्मिकों के लिए प्रशिक्षण पंचायत समिति सभागार भींडर में रखा गया है।
गोगुंदा और सायरा के कार्मिकों का प्रशिक्षण पंचायत समिति सभागार गोगुंदा में होगा। झाड़ोल और फलासिया क्षेत्र के लिए 14 से 16 अक्टूबर तक जनार्दन राय नागर विद्यापीठ तथा पंचायत समिति हॉल झाड़ोल में प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।
खेरवाड़ा और नयागांव के कार्मिक पंचायत समिति सभागार खेरवाड़ा में प्रशिक्षण लेंगे, जबकि कोटड़ा के लिए 14 अक्टूबर को पंचायत समिति सभागार में प्रशिक्षण होगा। मावली और घासा क्षेत्र के कार्मिकों का प्रशिक्षण राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मावली में 14 और 15 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा।
इसी तरह ऋषभदेव के लिए पंचायत समिति सभागार ऋषभदेव तथा वल्लभनगर क्षेत्र के कार्मिकों के लिए एमजीजीएच हॉल, सीबीईओ कार्यालय वल्लभनगर में 14 और 15 अक्टूबर को प्रशिक्षण होगा।
सिर्फ थ्योरी नहीं, ईवीएम पर भी कराया जाएगा अभ्यास
निर्वाचन प्रशिक्षण में कार्मिकों को केवल कागजी प्रक्रिया समझाने तक सीमित नहीं रखा जाएगा। मतदान के दौरान सामने आने वाली परिस्थितियों और मशीन के संचालन को लेकर उन्हें ईवीएम का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
इसके लिए प्रशिक्षण केंद्रों पर निर्धारित संख्या में ईवीएम उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। कार्मिकों को मतदान प्रक्रिया की सैद्धांतिक जानकारी देने के साथ मशीन के संचालन का हैंड्स-ऑन अभ्यास भी कराया जाएगा, ताकि वास्तविक मतदान के दिन किसी तरह की तकनीकी या प्रक्रियागत परेशानी न आए।
मास्टर ट्रेनरों ने समझाई चुनाव प्रक्रिया
इसी कड़ी में बुधवार को जिला परिषद सभागार में जिला और ब्लॉक स्तर पर कार्मिकों को प्रशिक्षण देने के लिए नियुक्त दक्ष प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव अग्रवाल के निर्देशन में राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर डॉ. महामायाप्रसाद चौबीसा ने डीएलएमटी और बीएलएमटी को निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी।
प्रशिक्षण में चुनाव संचालन के विभिन्न पहलुओं के साथ ईवीएम के इस्तेमाल और मतदान प्रक्रिया की बारीकियों को समझाया गया। ये प्रशिक्षक अब आगामी प्रशिक्षण शिविरों में निर्वाचन ड्यूटी पर लगाए जाने वाले कार्मिकों को प्रशिक्षण देंगे।
प्रशासन की तैयारियों का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को सुचारू बनाना
उदयपुर जिले में पहले चरण के चुनाव के लिए नामांकन शुरू होने के साथ ही अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। प्रशासन की ओर से एक तरफ नामांकन से लेकर मतदान और मतगणना तक की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर चुनाव ड्यूटी में तैनात होने वाले कार्मिकों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षित किया जा रहा है।
पहले चरण में 284 ग्राम पंचायतों और 826 मतदान केंद्रों पर होने वाले चुनाव को लेकर प्रशासन का फोकस मतदान प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने, कार्मिकों को पर्याप्त प्रशिक्षण देने और पूरे चुनाव को शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने पर है।
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