उदयपुर। आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने प्रदेश में संचालित मदिरा निर्माण इकाइयों (डिस्टिलरीज व बॉटलिंग प्लांट्स) की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से समीक्षा बैठक ली। उन्होंने वित्तीय वर्ष के तहत उत्पादन, आपूर्ति, बॉटलिंग फीस, आबकारी शुल्क, परमिट फीस और जिलों की मांग के अनुसार समय पर माल पहुंचाने के संबंध में कड़े निर्देश दिए। आयुक्त ने इकाइयों के प्रभारी आबकारी अधिकारियों से उत्पादन और राजस्व की जानकारी लेते हुए कहा कि कई यूनिट्स अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर रही हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि उत्पादन बढ़ाने के लिए इकाइयां निर्धारित 12 घंटे तक अनिवार्य रूप से काम करें तथा श्रमिक समस्याओं का स्थानीय स्तर पर त्वरित समाधान किया जाए। जिन इकाइयों में एक से अधिक प्रोडक्शन लाइन हैं, वहां मांग के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए दूसरी लाइन भी तत्काल शुरू की जाए।
उत्पादन व आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा
बैठक में सभी जिला आबकारी अधिकारियों (डीईओ) को पिछले वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक राजस्व ग्रोथ सुनिश्चित कर निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए गए। अतिरिक्त आबकारी आयुक्त प्रदीप सिंह सांगावत ने उत्पादन व आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की। वीसी में प्रदेशभर के सभी जोनल अतिरिक्त आबकारी आयुक्त और जिला आबकारी अधिकारी मौजूद रहे।
शराब फैक्ट्रियां 12 घंटे पूरी क्षमता से करें काम, कमाई 15 फीसदी बढ़ाने का टारगेट
उत्पादन व आपूर्ति बढ़ाने के लिए दूसरी लाइन चालू करने के निर्देश, श्रमिक समस्याओं का स्थानीय स्तर पर होगा समाधान
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